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6 नवंबर से होगी अबुआ वीर दिशोम अभियान की शुरूआत, जानिये किसे मिलेगा लाभ

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रांची

सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर 6 नवंबर 2023 से अबुआ वीर दिशोम अभियान की शुरूआत होगी। अभियान के तहत वनों पर निर्भर रहने वाली आदिवासी जनजातियों को वनाधिकार पट्टा दिया जायेगा। वनाधिकार पट्टा निजी और सामूदायिक, दोनों स्तर पर दिया जायेगा। बता दें कि इस बाबत गांधी जयंती के मौके पर 30 हजार अधिका ग्रामसभाओं का जुटान हुआ था। इसमें जल, जंगल औऱ जमीन की रक्षा के लिए शपथ ली गयी। जुटान में कहा गया कि वनों की रक्षा स्थानीय स्तर पर के प्रयासों से ही संभव है। झारखंड सरकार इसी सोच के तहत अबुआ वीर दिशोम अभियान शुरू करने जा रही है।   

वनाधिकार समितिया करेंगी अनुशंसा 
बता दें कि अबुआ वीर दिशोम अभियान के तहत अनुमंडल व जिला स्तर पर वनाधिकार समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां वनाधिकार पट्टा किसे दिया जाना है, इसकी अनुशंसा करेंगी। अभियान की सफलता के लिए मोबइल एप और वेबसाइट भी सीएम के निर्देश पर बनाया गया है। अभियान का प्रथम चरण दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिया जायेगा। वेबसाइट पर इस बात की पूरी जानकारी मिल सकेगी कि झारखंड के किस जिले में कितनी वनाधिकार समितियां हैं। इनके तहत कौन सी ग्रामसभाएं सक्रिय हैं। साथ ही इन ग्रामसभाओं के सदस्यों और पदाधिकारियों की जानकारी भी वेबसाइट औऱ मोबाइल एप के जरिये लोगों को मिल सकेगी। जानकारों का मानना है कि इससे वनाधिकार पट्टा देने के अभियान में तेजी और पारदर्शिता आयेगी। 

राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन होगा 
अबुआ वीर दिशोम अभियान की शुरुआत 6 नवंबर को राज्यस्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला से होगी। इसके तहत झारखंड के सभी जिलों के उपायुक्तों और वन प्रमंडल पदाधिकारियों प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही, ग्राम स्तर पर वन अधिकार समिति, अनुमंडल स्तरीय समिति को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके पूरा होने के बाद जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्यों को अभियान के सफल संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले, इस निमित्त विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार को गति प्रदान की जायेगी। लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जायेगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है।